tomato leaf blight

tomato leaf blight: टमाटर झुलसा रोग के लक्षण, प्रसार और नियंत्रण

किसान भाइयों नमस्कार, स्वागत है BharatAgri Krushi Dukan वेबसाइट पर। टमाटर की फसल में झुलसा (Leaf Blight Diseaseरोग एक महत्वपूर्ण समस्या है। इस ब्लॉग में, हम आपको झुलसा रोग की जानकारी, इसके लक्षण, और नियंत्रण के विभिन्न तरीकों के बारे में बताएंगे, साथ ही जैविक और रासायनिक नियंत्रण के विकल्पों का भी वर्णन करेंगे।


भारत में टमाटर एक महत्वपूर्ण फसल है, जो रसोई की रानी के रूप में प्रसिद्ध है। इसके उपयोग कई प्रकार से होते हैं, और यह भारतीय रसोईयों में अत्यंत लोकप्रिय है। टमाटर की फसल का उत्पादन भारत में करोड़ों टन में होता है और इससे कई लाख किसानों का जीवन चलता है। हालांकि टमाटर की फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई किसानों और कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कई तकनीकों का अध्ययन किया गया है, एक पाथोलॉजिकल समस्या जिसे झुलसा रोग "Tomato Leaf Blight Disease" कहा जाता है, इस फसल के उत्पादन में आई बड़ी चुनौती हो सकती है। 


टमाटर की फसल में झुलसा रोग के लक्षण -

1. पत्तियों पर गहरे गहरे दाग दिखाई देते हैं, जो कि ब्राउन या डार्क ग्रेय हो सकते हैं।  

2. इन दागों के चारों ओर एक या दो रंग का हलो हो सकता है। 

3. दागों का आकार विभिन्न हो सकता है, लेकिन आमतौर पर वे बड़े होते हैं और व्यापक रूप से पत्तियों पर फैले होते हैं।  

4. फलों पर छोटे छोटे डॉट्स दिखाई देते हैं, जो कि भूरे रंग के हो सकते हैं। 

5. इन डॉट्स को अक्सर "झुलसा डॉट्स" कहा जाता है। 

6. झुलसा डॉट्स फलों की खराबी का संकेत देते हैं और फलों की गुणवत्ता को कम कर सकते हैं। 

7. झुलसा रोग के कारण पत्तियों का झड़ने लगती है।  

8. पत्तियों की कमी के कारण पौधों की सुखावट और प्राकृतिक प्रबंधन क्षमता कम होती है। 

9. झुलसा रोग के प्रकोप के कारण टमाटर की फसल की उपज कम हो सकती है। 

10. यह रोग फलों की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे उनका विपरीत परिणाम होता है। 

11. झुलसा रोग के कारण, टमाटर के फलों की गुणवत्ता में कमी हो सकती है।  

12. यह फसल के मूल्य को भी कम कर सकता है, क्योंकि ग्रेडिंग में समस्याएँ हो सकती है।  


टमाटर की फसल में झुलसा रोग का जैविक नियंत्रण -

1. झुलसा रोग (blight on tomatoes leaves ) को टमाटर की फसल से नियंत्रित करने के लिए जैविक नियंत्रण उपायों का उपयोग किया जा सकता है, जो पर्यावरण को हानि नहीं पहुंचाते हैं और सुरक्षित होते हैं। निम्नलिखित हैं कुछ झुलसा रोग के जैविक नियंत्रण उपाय:

2. प्राकृतिक खेती (Organic Farming): झुलसा रोग के जैविक नियंत्रण के लिए प्राकृतिक खेती का पालन करें। इसमें उर्वरकों के स्थान पर कम्पोस्ट और जैविक खाद्य प्रदान करने का उपयोग किया जाता है, जिससे पौधों की सुरक्षा बढ़ती है और झुलसा रोग की संभावना कम होती है।

3. रोगप्रतिरोधी पौधे (Resistant Varieties): झुलसा रोग के प्रति प्रतिरोधी पौधों का चयन करें, जिन्हें इस रोग के प्रति प्राकृतिक प्रतिरोध होता है। इससे रोग के प्रकोप की संभावना कम होती है।

4. फुंसीजीव विरोधी जीवों का उपयोग (Use of Fungal Antagonists): कुछ फुंसीजीव विरोधी जीवों का उपयोग करके झुलसा रोग को नियंत्रित किया जा सकता है। इन जीवों को फसल के पास रोपने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

5. फसल के साथ सहयोगी पौधे (Companion Plants): टमाटर की फसल के साथ ऐसी सहयोगी पौधों को बुआ जाएं जो झुलसा रोग को दूर रखने में मदद कर सकते हैं, जैसे कि मेथी और मरीगोल्ड (Marigold)।

6. प्राकृतिक प्रबंधन (Natural Management): प्राकृतिक प्रबंधन के रूप में प्लांट एक्सट्रैक्ट्स और नीम का उपयोग करके झुलसा रोग के खिलाफ लड़ाई की जा सकती है।

7. समय पर सेंकन (Crop Rotation): टमाटर की फसल के साथ अन्य प्रकार की फसलों की संख्या बदलकर सेंकन का पालन करें। इससे झुलसा रोग की प्रसारण की संभावना कम होती है।

8. ये जैविक नियंत्रण उपाय टमाटर की फसल में झुलसा रोग को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं और आपकी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं, बिना किसी हानि के।


झुलसा रोग नियंत्रण बेस्ट जैव - फफूंदनाशी  | Organic Fungicide For Blight Disease -

1. टमाटर की फसल में झुलसा रोग (Early Blight) के नियंत्रण के लिए बेस्ट जैव-फफूंदनाशी उपायों में से कुछ निम्नलिखित हो सकते हैं:

2. ट्राइकोडर्मा विरिडी (Trichoderma Viride): डॉ बैक्टोस डर्मस (ट्राइकोडर्मा विरिडी) 3 मिली/लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  

3. स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस (Pseudomonas fluorescens): डॉ बैक्टोस फ्लूरो (स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस) 2.6 मिली/लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  


टमाटर की फसल में झुलसा रोग का नियंत्रण के लिए बेस्ट फफूंदनाशी | Tomato Blight Control -

1. टमाटर की फसल में झुलसा रोग (tomato leaf blight treatment) के नियंत्रण के लिए बेस्ट फफूंदनाशी उपायों में से कुछ निम्नलिखित हैं:

2. यूपीएल साफ फफूंदनाशी (कार्बेन्डाजिम 12% + मैनकोजेब 63% डब्ल्यूपी) - 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में डाल कर रोग की शुरूआती अवस्था में छिड़काव करें।  

3. क्रिस्टल ब्लू कॉपर फफूंदनाशी (कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% डब्लूपी)  - 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  

4. सिंजेंटा रिडोमिल गोल्ड फफूंदनाशी (मेटालैक्सिल 8% + मैनकोजेब 64% डब्ल्यूपी) - 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  

5. किटोशी फफूंदनाशी (एज़ोक्सीस्ट्रोबिन 12.5% ​​+ टेबुकोनाज़ोल 12.5% ​​एससी) - 2 मिली प्रति लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  

6. सिंजेंटा एमिस्टार टॉप फफूंदनाशी (एज़ॉक्सीस्ट्रोबिन 18.2%+ डाइफेनोकोनाज़ोल11.4% एससी) - 1.3 मिली/लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  


Conclusion | सारांश - 

टमाटर की फसल में झुलसा रोग के नियंत्रण के लिए बेस्ट फफूंदनाशी उपाय विस्तार से चर्चित किए गए हैं। झुलसा रोग को नियंत्रित करने के लिए उपयुक्त जैविक और रासायनिक उपायों का सही उपयोग करने से टमाटर की फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है। इन उपायों का पालन करते समय सावधानी बरतें और नियंत्रण उपायों की विधि, मात्रा, और आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करें। इससे टमाटर की फसल को झुलसा रोग के प्रति सुरक्षा मिलेगी और आप अच्छी खासी पैदावार भी प्राप्त कर सकेंगे। 

 

FAQ | बार - बार पूछे जाने वाले सवाल - 

1. झुलसा रोग क्या है?

झुलसा रोग टमाटर की फसल में होने वाला एक प्रमुख फफूंदनाशी रोग है जिससे पत्तियों और फलों पर दाग होते हैं और पत्तिया झुलस जाती हैं ।

2. झुलसा रोग के क्या लक्षण होते हैं?

पत्तियों पर गहरे दाग, फलों पर छोटे डॉट्स, और पत्तियों का झड़ना, झुलसा रोग के लक्षण होते हैं।

3. टमाटर की फसल को झुलसा रोग से कैसे बचाया जा सकता है?

टमाटर की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए बेहतर फफूंदनाशी उपायों का उपयोग करें और संयंत्र खेती तकनीकों का पालन करें।

4. क्या झुलसा रोग के खिलाफ जैविक नियंत्रण उपाय हैं?

हां, झुलसा रोग के खिलाफ जैविक नियंत्रण उपाय जैसे कि प्राकृतिक खेती, प्रतिरोधी पौधे का उपयोग किया जा सकता है।

5. झुलसा रोग से प्राकृतिक रूप से नियंत्रण कैसे करें?

प्राकृतिक रूप से झुलसा रोग को नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक खेती और बेहतर पौधे चुनने का उपयोग करें।

6. झुलसा रोग से पूरी तरह से बचाव क्या संभव है?

पूरी तरह से झुलसा रोग से बचाव संभव है, लेकिन सुरक्षित फसल संचालन और नियंत्रण उपायों का नियमित उपयोग की आवश्यकता होती है।

7. झुलसा रोग के बदलते मौसम का क्या प्रभाव होता है?

झुलसा रोग के बदलते मौसम से फसल पर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए मौसम अपडेट के साथ सावधान रहना महत्वपूर्ण है।

8. झुलसा रोग की जांच कैसे करें?

पत्तियों और फलों पर लक्षणों की जांच के लिए नियमित रूप से फसल की निगरानी करें।


Farmer also read | किसानों द्वारा पढ़े जाने वाले लेख -

1. pink bollworm chemical control: कपास की गुलाबी सुंडी नियंत्रण

2. antracol fungicide: बायर एंट्राकोल फफूंदनाशी - जाने उपयोग के फायदे 

3. armyworm in maize: मक्के में सैनिक सुंडी नियंत्रण A to Z जानकारी

4. tikka disease of groundnut: मूंगफली में टिक्का रोग नियंत्रण

5. soybean illi ki dawai: सोयाबीन में इल्ली नियंत्रण की दवा



लेखक

भारतअ‍ॅग्री कृषि डॉक्टर

Back to blog

होम

वीडियो कॉल

VIP

फसल जानकारी

केटेगरी