motha ghas ki dawa

motha ghas ki dawa: मोथा खरपतवार नाशक दवा की संपूर्ण जानकारी

किसान भाइयों नमस्कार, स्वागत है BharatAgri Krushi Dukan वेबसाइट पर। जब आपकी फसलों में मोथा घास की समस्या आ जाती है, तो इसे नियंत्रित करना वाकई एक बड़ी चुनौती हो सकती है। इस लेख में, हम आपको मोथा खरपतवार नाशक दवा (motha ghas ki dawa) और मोथा खरपतवार नियंत्रण तरीके और सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।


मोथा घास की सम्पूर्ण जानकारी | motha ghas Information in Hindi -

मोथा घास, जिसे Cyperus rotundus भी कहा जाता है, एक बारहमासी पौधा है जो लगभग 140 सेंटीमीटर (55 इंच) तक लम्बा हो सकता है। इसके कंदे, जिन्हें "नट ग्रास" और "नट सेज" भी कहा जाता है, इस पौधे के आधार से प्राप्त होते हैं, और ये नट्स के समान होते हैं, लेकिन इससे कोई लेना-देना नहीं होता।

मोथा घास की पत्तियां पौधे के आधार से तीन में निकलती हैं और 5-20 सेमी (2-8 इंच) लंबी होती हैं, जो अन्य साइपरेसी की तरह होती हैं। इसके फूल उभयलिंगी होते हैं और तीन से आठ असमान स्पाइक्स के साथ तीन सहनशक्ति और एक तीन-कलंक स्त्रीकेसर होता है जो त्रिकोणीय एकीन फल के रूप में होता है।

युवा पौधे व्यास में 25 मिमी (1.0 इंच) तक की जंजीरों में सफेद, रसीला प्रकंद पैदा करते हैं, जो मिट्टी में ऊपर की ओर बढ़ते हैं। कुछ प्रकंद मिट्टी में ऊपर की ओर बढ़ते हैं और एक बल्ब जैसी संरचना बनाते हैं, जिससे नए अंकुर और जड़ें निकलती हैं। इसके अन्य प्रकंद क्षैतिज रूप से या नीचे की ओर बढ़ते हैं, यह गहरे लाल-भूरे रंग के कंद या कंद श्रृंखला का निर्माण करते हैं।


मोथा घास “Cyperus rotundus grass” खरपतवार की पहचान कैसे करें? 

मोथा घास, जिसे कई बार खरपतवार के रूप में भी जाना जाता है, उसकी पहचान करना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। इसे पहचानने के लिए निम्नलिखित विशेषताएं मदद कर सकती हैं -

1. पत्तों की ऊंचाई और आकार: मोथा घास के पत्ते लम्बे, पतले और बड़े होते हैं, जिनकी ऊंचाई लगभग 2 से 6 फीट होती है। इसका आकार इसे आसानी से पहचानने में मदद करता है।

2. रंग और आकार: मोथा घास का रंग गहरा हरित-नीला या हल्का भूरा होता है, और यह धीरे-धीरे खेत के पूरे क्षेत्र में फैल जाता है, जिससे इसे पहचानना आसान होता है।

3. रूट सिस्टम: मोथा घास के अंडरग्राउंड रूट नेटवर्क काम करते हैं, जिनकी गहराई और व्यापकता को समझना किसानों के लिए उत्तम है।

4. फैलाव: यह खेत के किनारे, खेत की मिट्टी के ऊपर, और फसलों के बीच में फैलती है, जिससे किसानों को इसकी प्रसार स्थिति का सही अंदाजा हो सकता है।

5. बीज: मोथा घास के बीज सफेद और छोटे होते हैं, जो कीटों और हवा के द्वारा आसानी से फैल सकते हैं, इसलिए इसके बारे में अच्छी तरह से जागरूक रहना जरूरी है।

6. द्रव्यमान: मोथा घास के पौधों का द्रव्यमान अधिक होता है, जिससे यह अधिक खाद्य पदार्थों को प्राप्त करती है, और इससे इसकी पहचान और नियंत्रण करना जरूरी होता है।


मोथा खरपतवार नियंत्रण | Motha Ghas control -

1. गर्मी के मौसम में खेत की गहरी जुताई करें।  

2. जुताई के बाद मोथा घास के पौधों को बिन कर जमा करें और जला दे।  

3. फसल के समय पर बुवाई करें।  

4. फसल में समय रहते निदाई गुड़ाई करते रहे।  

5. फसल में मोथा घास के समस्या देखते हुए तुरंत खरपतवारनाशी का छिड़काव करें।  

6. विभिन्न प्रकार की फसलों का रोटेशन करके मोथा घास को नियंत्रित किया जा सकता है।

7. फसल में आवश्यकता अनुसार सिचाई करें।  

8. फसल में ज्यादा उर्वरक की मात्रा न दे।   


मोथा खरपतवार नाशक दवा | Motha ghas ki dawa -

मोथा घास खरपतवार को नियंत्रित करने वाले बेस्ट खरपतवारनाशी -

खरपतवारनाशी का नाम 

प्रोडक्ट कंटेंट 

कंपनी का नाम 

फसल में उपयोग 

उपयोग मात्रा 200 लीटर पानी छिड़काव 

सेम्परा खरपतवारनाशी

हेलोसल्फ्यूरॉन मिथाइल 75% डब्ल्यूजी

धानुका 

गन्ना और मक्का 

36 ग्राम/एकड़

पैरानेक्स खरपतवारनाशी

पैराक्वाट डाइक्लिराइड 24% एसएल

अदामा 

खाली खेत 

1 लीटर/एकड़

मेरा 71 खरपतवारनाशी

ग्लाइफोसेट अमोनियम सॉल्ट 71% एसजी

सुमिटोमो एक्सेल

खाली खेत 

1 किलोग्राम/एकड़

राउंडअप खरपतवारनाशी

ग्लाइफोसेट 41% एसएल

बायर 

खाली खेत 

1 लीटर/एकड़ 

कॉर्नेक्स खरपतवारनाशी

हैलोसल्फ्यूरॉन मिथाइल 5% + एट्राज़िन 48% WG

धानुका 

गन्ना और मक्का 

450 ग्राम/एकड़ 



नोट - बताये गये खरपतवारनाशी में से मोथा घास की समस्या अनुसार किसी एक Motha Herbicide का फसल की अवस्था 30 दिन की हो या खरपतवार 2 से 3 पत्ती अवस्था में तो उपयोग करें।  


सारांश | conclusion 

मोथा घास से निपटना महत्वपूर्ण है ताकि आपकी फसलें स्वस्थ और उच्च उपज वाली रहें। इस लेख में, हम आपको मोथा खरपतवार नाशक दवा (motha ghas ki dawa) और मोथा खरपतवार नियंत्रण तरीके और सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की गई हैं। सही खरपतवारनाशी और नियंत्रण तकनीकों का उपयोग करके, आप इस समस्या का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। ध्यान रखें कि आप उचित तरीके से खरपतवारनाशी करने के लिए स्थानीय एग्रोणोमिस्ट से सलाह प्राप्त करें और निर्देशों का पालन करें। आपकी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए सफलता की कामना करते हैं!


FAQ | बार - बार पूछे जाने वाले सवाल -


1. मोथा घास क्या है?

मोथा घास, जिसे Cyperus rotundus कहा जाता है, एक खरपतवार है जो फसलों के लिए समस्या उत्पन्न कर सकता है।

2. मोथा घास के लिए कौन-कौन से नियंत्रण उपाय हैं?

मोथा घास को नियंत्रित करने के लिए उपायों में गर्मी के मौसम में जुताई, खेत में सही समय पर बुआई, और खरपतवारनाशी का उपयोग।  

3. मोथा घास के लिए खरपतवारनाशी दवा कौन-कौन सी हैं?

मोथा घास को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख खरपतवारनाशी दवाएं में सेम्परा, पैरानेक्स, और मेरा 71 आदि हैं।

4. मोथा को जड़ से खत्म कैसे करें?

मोथा को जड़ से खत्म करने के लिए गहरी जुताई और सही खरपतवारनाशी का प्रयोग करें।

5. कैसे जानें कि फसल में मोथा घास है?

फसल की स्वस्थता, ऊचाई, और पत्तों की जड़ों की प्रवृत्ति की अच्छी निगरानी करके और मोथा घास की पहचान के लिए ऊंचाई और रंग की खास विशेषताओं का ध्यान रखकर।


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लेखक | Author

BharatAgri Krushi Doctor

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