Mushroom ki kheti

Mushroom ki kheti: मशरूम की खेती करने की आधुनिक विधि

नमस्कार किसान भाइयों, स्वागत है BharatAgri Krushi Dukan वेबसाइट पर। आज की बदलती दुनिया में मशरूम की खेती (Mushroom ki kheti) एक लाभदायक व्यवसाय बन गई है। इस ब्लॉग में, हम मशरूम की खेती करने की आधुनिक विधियों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। सही तकनीक, जलवायु नियंत्रण, पोषण सामग्री और उन्नत उपकरणों का उपयोग करके आप कैसे उच्च गुणवत्ता के मशरूम उगा सकते हैं, यह जानें। चाहे आप एक नए किसान हों या अनुभवी, यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।   


मशरूम का महत्व | Importance of Mushrooms -

आजकल लगभग सभी होटलों और रसोईघरों में मशरूम की सब्जी बनाई जाती है। यदि मशरूम के मानव जीवन में लाभ देखें, तो मशरूम में फैट की मात्रा बहुत कम होती है, विशेषकर प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की तुलना में। इसमें मुख्यतः लिनोलिक अम्ल जैसे असंतृप्त फैटयुक्त अम्ल होते हैं, जो स्वस्थ हृदय और हृदय संबंधी प्रक्रियाओं के लिए अच्छा भोजन हो सकता है। 


मशरूम के प्रकार | Mushroom kitne prakar ke hote hain -

विश्व में मशरूम खेती की 10000 प्रजातियां हैं, जिनमें से केवल 70 प्रजातियाँ ही खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं। इनमें से 5 किस्मों की सबसे ज्यादा खेती की जाती है। नीचे इन पांच किस्मों के नाम दिए गए हैं।

1. सफेद बटन मशरूम (White Button Mushroom)
2. ऑयस्‍टर मशरूम (Oyster Mushroom)
3. दूधिया मशरूम (Milky Mushroom)
4. पैडी स्ट्रॉ मशरूम (Paddy Straw Mushroom)
5. शिटाके मशरूम (Shitake Mushroom)

 

मशरूम की खेती के लिए आवश्यक चीजें - 

नीचे दी गई टेबल में मशरूम की खेती कैसे होती है? (Mushroom ki kheti kaise hoti hai) इस  लिए आवश्यक चीजें और उनकी सही जानकारी दी गई है।

क्र 

आवश्यक चीजें 

महत्व 

जगह 

झोपड़ी, बांस हाउस, या मिट्टी के घर में मशरूम का उत्पादन बहुत ही अच्छा होता है।

2

पानी 

मशरूम उत्पादन के लिए पानी स्वच्छ और शुद्ध होना चाहिए।

3

रॉ मटेरियल 

मशरूम फार्मिंग के लिए रॉ मटेरियल अच्छा होना चाहिए क्योंकि रॉ मटेरियल में जितनी अधिक सेल्युलोज होती है, उतना ही अच्छा मशरूम तैयार होता है।

(१) गेहूं का भूसा, (२) कपास की टहनियाँ, (३) धान का पुआल, (४) घास, (५) सोयाबीन का भूसा आदि।

4

प्लास्टिक बैग 

मशरूम उत्पादन के लिए प्लास्टिक पॉलीप्रोपाइलीन का उपयोग करें और मोटाई (गेज) 80-100 रखें। प्लास्टिक का आकार 18 बाय 22 इंच या 22 बाय 27 इंच होना चाहिए।

5

बीज 

प्लास्टिक की पन्नी में 500 ग्राम, 1 किलोग्राम के माप में यह बीज उपलब्ध होता है।

6

मौसम

मशरूम उत्पादन के लिए वातावरण को अंधेरे और आर्द्रता रखना चाहिए। वातावरण में आर्द्रता 70 से 80% और तापमान 18 से 28 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। उत्तम उत्पादन के लिए खेलती हवा का होना भी एक महत्वपूर्ण कारक है।

7

ड्रम 

कच्चे माल को भिगोने के लिए

8

हीटर 

पानी गर्म करने के लिए 

10

ड्रायर

मशरूम सुखाने के लिए

11

थर्मामीटर 

तापमान रिकॉर्ड करने के लिए

12

बाल आर्द्रतामापी 

आर्द्रता दर्शाने के लिए


ऑयस्‍टर मशरूम खेती कैसे करें | Oyster mushroom ki kheti kaise ki jaati hai -

1. रॉ मटेरियल की तैयारी: हम जो भी रॉ मटेरियल (कच्चा माल) उपयोग कर रहे हैं, उसके 2-4 सेंटीमीटर के बारीक टुकड़े करें। जैसे कि हम गेहूं का भूसा, कपास की टहनियाँ, धान का पुआल, सोयाबीन का भूसा आदि का उपयोग कर सकते हैं।

2. भूसे की पैकिंग: यह बारीक किया हुआ भूसा अच्छी तरह से गन्नी बैग में भरें और बैग का मुंह अच्छी तरह से पैक कर दें।

3. पानी में भिगोना: बैग को 8 से 10 घंटे पानी में डुबोकर रखें और बाद में बैग से पानी निकाल दें तथा 50-60% नमी बनाए रखें।

4. पाश्चुरीकरण: कच्चा माल भरी बैग का पाश्चुरीकरण (pasteurization) करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप निम्नलिखित विधियों का उपयोग कर सकते हैं: -


👉हॉट वाटर उपचार (80 डिग्री सेल्सियस पर 1 घंटा)

👉हॉट एयर उपचार (80 डिग्री सेल्सियस पर 1 घंटा)

👉केमिकल उपचार (7.5 ग्राम बविस्टिन + 125 मिली फॉर्मलिन को 100 लीटर पानी में मिलाकर) - 18 घंटे तक रासायनिक पानी में भिगोने के बाद बैग से पानी निकाल दें और 50-60% नमी बनाए रखें।


5. प्लास्टिक बैग की तैयारी: प्लास्टिक बैग लें और उन्हें 2% फॉर्मलिन में अच्छी तरह से स्टरलाइज़ करें, उसके बाद बैग का उपयोग करें।

6. लेयरिंग और बीज डालना: बाद में बैग में कच्चा माल 4 से 5 लेयर में लगाएं और हर लेयर पर ऑयस्टर मशरूम के बीज डालें।

7. बैग में छेद करना: भरी हुई बैग को 40 से 50 पिन से छेद करें।

8. इनक्यूबेशन: अब इन बैगों को 15 से 20 दिन के लिए 20-30 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले कमरे में रखें और 85% आद्रता बनाए रखें।


मशरूम बैग की देखभाल | Caring for Mushroom Bags -

1. ऑयस्टर mushroom kheti  करते समय, बैग को 20-30 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले कमरे में रखें। 15 से 20 दिन के बाद बैग में सफेद रंग के माइसेलियम (मशरूम का फंगल) दिखने लगेंगे। उसी समय, 3 से 4 दिनों के भीतर प्लास्टिक बैग हटा दें।

2. पॉलीथीन बैग निकालने के बाद, इन बेड के ऊपर स्प्रे की मदद से सुबह-शाम पर्यावरण की स्थिति देखकर पानी का छिड़काव करें।


मशरूम की कटाई | Mushroom Harvesting -

👉पहली कटाई: बैग में बीज बोने के 20-25 दिन बाद होती है।
👉दूसरी कटाई: पहली कटाई के 8-10 दिन बाद की जा सकती है।


मशरूम उत्पादन | Mushroom Yield -

भूसे का नाम 

उत्पादन ग्राम/  किलो भूसा 

गेहूं का भूसा 

500 ग्राम 

धान का भूसा 

530 ग्राम 

केली के पते 

450 ग्राम 

गन्ने का ट्रैश 

305 ग्राम 

सोयबीन का भूसा 

600 ग्राम 

कपास का भूसा 

830 ग्राम 

बाजरा का भूसा 

370 ग्राम 


सफेद बटन मशरूम कैसे तैयार करें | Make White Button Mushroom -

1. मिश्रण तैयार करना: गेहूं का भूसा, कम्पोस्ट खाद (चिकन खाद), यूरिया, गेहूं की चोकर (विट ब्रान), और जिप्सम को मिलाकर एक जगह पर टनल में ढेर लगाकर रखें।

2. ढेर को पलटना: यह ढेर 3-4 दिन रखकर ऊपर-नीचे पलटते रहें।

3. सड़ने की प्रक्रिया: यह ढेर अच्छी तरह से सड़ने के लिए पूरे ढेर को दूसरी जगह टनल में रखें, ताकि 14-15 दिन में अच्छी तरह से कम्पोस्ट खाद बन सके।

4. कम्पोस्ट भरना: तैयार कम्पोस्ट को प्लास्टिक बैग में भरें और उसमें कम्पोस्ट के 1% मशरूम का बीज ऊपर की परत में अच्छी तरह से डालें।

5. अंकुरण प्रक्रिया: पैक बैग को मशरूम अंकुरण के लिए कमरे में रखें। अंकुरण के समय प्लास्टिक बैग का ऊपरी हिस्सा मोड़कर नीचे की तरफ रखें और कमरे का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। मशरूम बढ़ते समय तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास होना चाहिए और बटन मशरूम के फल तैयार होते समय तापमान 15-17 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए।

6. केसिंग का लेयर देना: बैग को कमरे में रखने के बाद 12-14 दिन में मशरूम की शाखीय वृद्धि होती है। उस समय बैग का ऊपरी हिस्सा मोड़कर 4-5 सेंटीमीटर केसिंग की परत दें।

7. फंगल की वृद्धि: 7-8 दिनों में केसिंग में फंगल की वृद्धि पूरी होती है। उस समय तापमान और आद्रता बनाए रखें। आगे 3-4 दिनों में मशरूम तैयार हो जाता है।

8. आद्रता बनाए रखना: कमरे में mushroom kheti बढ़ते समय आद्रता 85% से अधिक होनी चाहिए।

 

सफेद मशरूम उत्पादन | White Mushroom Yield - 

200-250 किलो प्रति एक टन कम्पोस्ट


सारांश - 

मशरूम की खेती की सफलता के लिए सही तकनीक, उचित सामग्री और अनुकूल वातावरण का होना आवश्यक है। "Mushroom ki kheti in Hindi" इस ब्लॉग में दी गई जानकारी से आप मशरूम की खेती में सफलता प्राप्त कर सकते हैं और इसे एक लाभदायक व्यवसाय बना सकते हैं। अगर खेती के बारे में और कोई जानकारी चाहिए तो हमारे "Bharatagri Krushi Dukan" वेबसाइट पर जरूर विजिट करें।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न -

1. मशरूम कितने दिन में उगाया जाता है?

उत्तर: गेहूं का भूसा लाने से लेकर मशरूम की कटाई तक लगभग 45-50 दिन लगते हैं।

2. मशरूम का बीज कितने रुपए किलो मिलता है?

उत्तर: 400 से 500 रुपये प्रति किलो।

3. कौन सा मशरूम सबसे ज्यादा बिकता है?

उत्तर: ऑयस्टर और बटन मशरूम सबसे ज्यादा बिकते हैं।

4. कमरे में मशरूम की खेती कैसे करें?

उत्तर: तापमान और आद्रता बनाए रखते हुए, कमरे में अंधेरा बनाकर दीवारों के चारों तरफ बोरियों का कपड़ा लगाकर मशरूम तैयार किया जाता है।

5. कौन से मशरूम की किस्म हम ज्यादातर खा सकते हैं?

उत्तर: ढिंगरी, एल्म, दूधी, बटन, शिटाके, ब्लैक ईयर, हिवाली आदि।


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लेखक

भारतअग्रि कृषि एक्सपर्ट

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