armyworm in maize

armyworm in maize: मक्के में सैनिक सुंडी नियंत्रण A to Z जानकारी

किसान भाइयों नमस्कार, स्वागत है BharatAgri Krushi Dukan वेबसाइट पर। आज हम जानेंगे मक्के की फसल में सैनिक सुंडी कीटों का नियंत्रण और सम्पूर्ण जानकारी के बारें में।  इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे की मक्के में सैनिक सुंडी कीट (fall armyworm insect in maize),  मक्के में सैनिक सुंडी कोटों के लक्षण (Fall Armyworm insect of maize symptoms), मक्के में सैनिक सुंडी का नियंत्रण (Armyworm insect control) सैनिक सुंडी के नियंत्रण की बेस्ट दवा (Best insecticide for fall armyworm insect control) और नियंत्रण के स्मार्ट टिप्स।   


मक्के में सैनिक सुंडी कीट की जानकारी | Fall armyworm insect information in Hindi -

मक्के की फसल को नुकसान पहुंचाने वाली सैनिक सुंडी (Fall Armyworm Insect) एक ऐसी कीट है, जो एक मादा पतंगा के रूप में अपने जीवनकाल में एक हजार से भी अधिक अंडे देती है। इनके लार्वा मुलायम त्वचा वाले होते हैं, जिनकी उम्र बढ़ने के साथ उनका रंग हल्के हरे या गुलाबी से भूरे रंग में बदल जाता है। अंडों की अंडन अवधि 4 से 6 दिनों तक होती है।

इनकी लार्वा पत्तियों के किनारों पर से लगातार खाती है, नीचे की ओर बड़ी पत्तियों और मक्के के भुट्टों को भी नुकसान पहुंचाती है। लार्वा का विकास 14 से 18 दिनों में हो जाता है। इसके बाद, एक लाल भूरे रंग की प्यूपा में परिवर्तित होता है, जिसका विकास 7 से 8 दिनों में पूरा होता है। आखिरकार, यह प्यूपा एक पूर्णतः वयस्क कीट में परिवर्तित हो जाता है।

इनकी लार्वा अवस्था में सैनिक सुंडी कीट मक्के की फसल के लिए एक ज्यादा घातक होती हैं । यह पत्तों और तनों के साथ-साथ, वे मक्के के बीच के भुट्टों को भी खाते हैं और फसल की उपादान क्षमता को प्रभावित करते हैं।

इसलिए, सैनिक सुंडी कीट के खिलाफ सतर्क रहना और उपयुक्त नियंत्रण के उपायों का पालन करना आवश्यक है ताकि मक्के की फसल को इस कीट के नुकसान से बचाया जा सके।



सैनिक सुंडी कीट का मक्के की फसल में लक्षण | Fall Armyworm insect symptoms in maize crop -

सैनिक सुंडी कीट मक्के की फसल में नुकसान पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कीट है। निम्नलिखित लक्षणों के माध्यम से आप सैनिक सुंडी कीट  (Fall armyworm insect identification) के प्रकोप की पहचान कर सकते हैं: -


1. सैनिक सुंडी कीट (Fall Armyworm) मक्के की सभी अवस्था में फसल को नुकसान पहुँचता हैं।  

2. सैनिक सुंडी कीट मक्के की फसल में पत्तियों को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।  

3. यह कीट पातियों को खाते है, जिसके कारण पत्तियों कर हमें छेद दिखाई देते है या पत्तियां फटी हुई नजर आती है।  

4. मक्के के पौधों पर पर हमें इन कीटों का मल दिखाई देता है जो सफ़ेद या भूरे रंग का होता हैं।  

5. यह कीट तापमान ज्यादा होने पर फसल को ज्यादा नुकसान पहुचातें हैं।  

6. इन कीटों का फसल में ज्यादा प्रभाव होने पर पूरी फसल ख़राब हो जाती हैं।  

7. मक्के की फसल भुट्टों की अवस्था में आने पर आर्मीवर्म कीट भुट्टों को भी नुकसान पहुचातें हैं।  

8. यह कीट भुट्टों के पत्तों या छिलकों के अंदर होते हैं और भुट्टों के साथ-साथ दानों को खाते हैं।  

9. फॉल आर्मी वर्म कीट पौधों की बढ़वार, दानों की गुणवत्ता के साथ-साथ उत्पादन को भी प्रभावित करता है।  

10. सैनिक सुंडी कीट के कारण मक्के की फसल में 50 से 80 प्रतिशत तक उत्पादन में नुकसान होता है।  


मक्के की फसल में सैनिक सुंडी कीटों का जैविक नियंत्रण | Fall armyworm insect control by organic method -

मक्के की फसल में सैनिक सुंडी कीटों के जैविक नियंत्रण के लिए विभिन्न तरीके हो सकते हैं। यहां कुछ जैविक नियंत्रण के उपाय दिए गए हैं: -

1. बैकिलस थ्यरिंजेंसिस (Bacillus thuringiensis): यह एक प्राकृतिक बैक्टीरिया है जो सैनिक सुंडी कीट को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इसे खेत में स्प्रे करके या बायोपेस्टिसाइड के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।

2. ट्रिचोग्रामा ब्राह्मा (Trichogramma braconid wasp): यह छोटी परजीवी है जो सैनिक सुंडी कीट के अंडों पर पराजनित करके उनके प्रजनन की प्रक्रिया को रोकती है।

3. कैलासियु सेलेनैस (Chelonus sp.): यह भी एक प्रजीवी होता है जो सैनिक सुंडी कीट के लार्वा पर पराजनित होता है। इसका प्रयोग कीट प्रबंधन में किया जा सकता है।

4. विशिष्ट पौधों का उपयोग: कुछ पौधे जैसे कि नीम, प्याज, लहसुन, टोमैटो आदि की खेती सैनिक सुंडी कीट को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

5. प्राकृतिक दुश्मनों का प्रोत्साहन: आपके खेत में प्राकृतिक दुश्मनों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके आवास के लिए उपाय अपना सकते हैं, जैसे कि पक्षियों के लिए बर्ड बाथ्स और छोटे पौधों के लिए जल पूल।

6. बहुसंख्यक पौधों की खेती: खेत में बहुसंख्यक पौधों की खेती सैनिक सुंडी कीट के प्रकोप को कम करने में मदद कर सकती है।

7. प्राकृतिक सामग्री का प्रयोग: प्राकृतिक सामग्री जैसे कि नीम की छाल, प्याज का पेस्ट, गार्लिक पेस्ट, आदि का प्रयोग सैनिक सुंडी कीट के नियंत्रण में किया जा सकता है।

8. कीट प्रबंधन की सही तकनीकों का प्रयोग: खेत में सही तरीकों से कीट प्रबंधन के उपायों का पालन करना भी सैनिक सुंडी कीट को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

9. यहां दी गई जैविक नियंत्रण के उपायों का प्रयोग करके, सैनिक सुंडी कीट के प्रकोप को कम किया जा सकता है और मक्के की फसल की सुरक्षा की जा सकती है।



ऐसे करें सैनिक सुंडी कीटों का नियंत्रण | Control fall armyworm insect -

सैनिक सुंडी कीटों (Best Method For Fall Armyworm Insect Control) का नियंत्रण करने के लिए आप निम्नलिखित उपायों का पालन कर सकते हैं:

1. समय पर बुवाई करना: बुआई का समयिक महत्व होता है क्योंकि सही समय पर बुवाई करने से सैनिक सुंडी कीट के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

2. अनुशंसित पौध अंतरण: सैनिक सुंडी कीट के प्रकोप को कम करने के लिए अनुशंसित पौध अंतरण करें। यह प्रभावी तरीका है जो प्रजनन प्रक्रिया को रोकने में मदद कर सकता है।

3. संतुलित उर्वरकों का उपयोग: संतुलित उर्वरकों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। उर्वरकों की सही मात्रा का पालन करें, जैसे कि अधिक नाइट्रोजन का उपयोग न करें।

4. पुराने खरपतवार को नष्ट करें: खेत में पड़े पुराने खरपतवार और अवशेषों को नष्ट करना आवश्यक है क्योंकि इनमें सैनिक सुंडी कीट के लार्वे छुपे होते हैं।

5. मृत गोभ को नष्ट करें: अगर मृत गोभ पाए जाते हैं, तो उन्हें नष्ट कर दें क्योंकि इनमें भी सैनिक सुंडी कीट के लार्वे हो सकते हैं।

6. फसल के अवशेषों को नष्ट करें: मक्के की फसल कटने के बाद, उसके अवशेषों, खरपतवार और अन्य पौधों को नष्ट करें ताकि सैनिक सुंडी कीट को पोषण मिलने का अवसर न रहे।

7. कीट प्रबंधन की सही तकनीकों का प्रयोग: सैनिक सुंडी कीट के नियंत्रण के लिए कीट प्रबंधन की सही तकनीकों का प्रयोग करना आवश्यक है।

8. ग्रीष्मकालीन मक्का न लें: जहां खरीफ सीजन में मक्का की खेती की जाती है, वहां ग्रीष्मकालीन मक्का नहीं लेना चाहिए क्योंकि ग्रीष्मकाल में सैनिक सुंडी कीट के प्रकोप का खतरा बढ़ जाता है।

9. अंतवर्तीय फसल की खेती: अंतवर्तीय फसलों की खेती करने से सैनिक सुंडी कीट के प्रकोप को कम किया जा सकता है।

10. पक्षियों के लिए जगह तैयार करें: फसल बुआई के तुरंत बाद, पक्षियों के लिए बैठने के लिए खूंटियां खेत में लगा दें।

11. फॉल आर्मीवर्म को रोकने के लिए फेरोमोन ट्रैप: फॉल आर्मीवर्म को रोकने के लिए खेत में 5-6 फेरोमोन ट्रैप लगा सकते हैं।

12. उपरोक्त उपायों के प्रयोग से, सैनिक सुंडी कीट के प्रकोप को कम करने में सहायता मिल सकती है और मक्के की फसल की सुरक्षा की जा सकती है।


सैनिक सुंडी के नियंत्रण के बेस्ट कीटनाशक | Best insecticide for fall army worm insect control -

मक्के की फसल में सैनिक सुंडी (फॉल आर्मीवर्म कीट)  के नियंत्रण के बेस्ट कीटनाशक (Best insecticide for fall armyworm insect) निम्न है - 

1. सिंजेंटा अलिका कीटनाशक (थियामेथोक्साम 12.6% + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन 9.5% ZC)  - 80 मिली प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  

2. धानुका ईएम1 कीटनाशक  (एमेमेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी) - 80 ग्राम प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  

3. बायर सोलोमन कीटनाशक (बीटा-साइफ्लुथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड 300 ओडी )-  150 मिली प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  

4. सिंजेंटा एम्प्लिगो कीटनाशक (क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 09.30% + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन 04.60% ZC) - 100 मिली प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  

5. FMC कोराजेन कीटनाशक (क्लोरैंट्रानिलिप्रोल, 18.5% w/w) - 60 मिली प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।  

6. DOW डेलिगेट कीटनाशक (स्पिनटोरम 11.7% एससी) - 180 मिली प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में डाल कर छिड़काव करें।

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FAQ | बार - बार पूछे जाने वाले सवाल -


1. सैनिक सुंडी कीट क्या होती है?

सैनिक सुंडी कीट (फॉल आर्मीवर्म) मक्के की फसल में पाई जाने वाली खतरनाक कीट है, जो पौधों को नुकसान पहुंचा सकती है।

2. सैनिक सुंडी कीट का प्रकोप कैसे होता है?

फॉल आर्मीवर्म की कीटाणु अंडों के रूप में दिए जाते हैं, जो अंडों से लार्वा बनते हैं और फिर पौधों के पत्तों को खाते हैं।

3. सैनिक सुंडी कीट को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से उपाय होते हैं?

जैविक नियंत्रण, पौध अंतरण, उर्वरक प्रबंधन, पुराने खरपतवार और अवशेषों की प्रबंधन, और बेस्ट कीटनाशक का प्रयोग कर सकते हैं।

4. सैनिक सुंडी कीट के नियंत्रण के लिए बेस्ट कीटनाशक कौन-सा है?

फॉल आर्मीवर्म के नियंत्रण के लिए थायमेथोक्सम (Thiamethoxam) और स्पिनोसैड (Spinosad) जैसे कीटनाशक प्रयोगी होते हैं।

5. क्या सैनिक सुंडी कीट का नियंत्रण बिना कीटनाशक के हो सकता है?

हां, जैविक नियंत्रण उपायों का प्रयोग करके सैनिक सुंडी कीट का नियंत्रण किया जा सकता है, लेकिन बड़े प्रकोपों में कीटनाशक की भी आवश्यकता हो सकती है।

6. सैनिक सुंडी कीट के नियंत्रण में कितने ट्राइकोकार्ड का प्रयोग किया जा सकता है?

सैनिक सुंडी कीट के नियंत्रण हेतु 5-10 ट्राइकोकार्ड का प्रयोग किया जा सकता है।

7. सैनिक सुंडी कीट के नियंत्रण के लिए कौन-सी प्रैक्टिसेस अपनानी चाहिए?

सैनिक सुंडी कीट के नियंत्रण के लिए समय पर बुआई, पौध अंतरण, उर्वरक प्रबंधन, पुराने खरपतवार और अवशेषों की प्रबंधन, और बेस्ट कीटनाशक का प्रयोग करें।

8. सैनिक सुंडी कीट के नियंत्रण के लिए कितने फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ की दर से लगाए जाते हैं?

सैनिक सुंडी कीट के नियंत्रण के लिए 5 से 6 फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ की दर से लगाए जाते हैं।


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लेखक,

भारतअ‍ॅग्री कृषि डॉक्टर

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