Pest & Disease Control for your Crop

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घसैला रोग ( ग्रासी शूट)
गन्ना

लक्षण

  • इस रोग मे कई छोटे और पतले टिलर के संकीर्ण पत्ते बनते हैं।
  • रोगग्रस्त पौधे क्लोरोफिल के अलग-अलग प्रमाण मे नुकसान को प्रदर्शित करते हैं, जो हरे से सफेद रंग तक होते हैं।
  • समय से पहले और ज्यादा फुटान से फसल 'घास' की तरह दिखाई देती है।

निवारक उपाय

२०० लीटर पानी घोलकर स्प्रे कीजिये।
डोज: 250.0 मिली / एकड़
आईएफसी नीम 10000 (ईसी 10000 पीपीएम 1%)
आईएफसी नीम 10000 (ईसी 10000 पीपीएम 1%)
₹339₹700₹51% off
₹ 361 की बचत

नियंत्रण पैमाने

200 लीटर पानी में मिलाएं और छिड़काव करें।
डोज: 100.0 मिली / एकड़
बायर कॉन्फिडोर इमिडाक्लोप्रिड 200 SL (17.1% ww)
बायर कॉन्फिडोर इमिडाक्लोप्रिड 200 SL (17.1% ww)
₹429₹520₹17% off
₹ 91 की बचत
Or
200 लीटर पानी में मिलाएं और छिड़काव करें।
डोज: 80.0 मिली / एकड़
धानुका जैपैक थियामेथोक्सम + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन कीटनाशक
धानुका जैपैक थियामेथोक्सम + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन कीटनाशक
₹479₹542₹11% off
₹ 63 की बचत
Or
200 लीटर पानी में मिलाएं और छिड़काव करें।
डोज: 500.0 मिली / एकड़
डॉ. बैक्टोज़ मेटा, जैव कीटनाशक
डॉ. बैक्टोज़ मेटा, जैव कीटनाशक
₹273₹341₹19% off
₹ 68 की बचत

विवरण

  • रोपण के लगभग दो महीने बाद रोग का प्रभाव होता है।
  • रोगग्रस्त गन्ने की गुणवत्ता पर प्रभाव दिखता है, शक्कर की मात्रा 17.50% (नियंत्रण) से घटाकर 12.88% (संक्रमित) हो जाती है।

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