Uses and benefits of seaweed fertilizer

Seaweed fertilizer से बढ़ाएं फसल की वृद्धि और अधिक उत्पादन पाएं।

समुद्री शैवाल उर्वरक का उपयोग और फायदे | Uses and benefits of seaweed fertilizer

समुद्री शैवाल उर्वरक, समुद्री शैवाल से बना जैविक उर्वरक है जिसका उपयोग कृषि में मिट्टी की उर्वरता और पौधों की वृद्धि के लिए किया जाता है। समुद्री शैवाल उर्वरक का उपयोग पुरातन काल से होता है और मिट्टी के लिए इसके व्यापक लाभ हैं। समुद्री शैवाल उर्वरक को कई अलग-अलग रूपों में लागू किया जा सकता है, जिसमें परिष्कृत तरल अर्क और सूखे, चूर्णित कार्बनिक पदार्थ शामिल हैं। विभिन्न बायोएक्टिव अणुओं की अपनी संरचना के माध्यम से, समुद्री शैवाल एक मजबूत मृदा कंडीशनर, जैव-उपचारक और जैविक कीट नियंत्रण के रूप में कार्य करता है, प्रत्येक समुद्री शैवाल (फ़ाइला) के साथ मिट्टी और फसल स्वास्थ्य को विभिन्न लाभ प्रदान करता है। इन लाभों में अजैविक तनावों के लिए बढ़ी हुई सहिष्णुता, बेहतर मिट्टी की बनावट और जल प्रतिधारण और बीमारियों की घटना में कमी शामिल हो सकती है।

“‘“रामू काका फसल चाहे कोई भी हो 

हम Seaweed फ़र्टिलाइज़र डाले बिना उत्पादन लेते नहीं”””

       

सी-वीड फर्टिलाइजर क्या होता है? | What is Seaweed fertilizer?

आइये जानते हैं Seaweed fertilizer के बारे में - 

समुद्री खरपतवार (Seaweed), समुद्र की गहराई में स्थित शैवाल (एल्गी) हैं। जैसा कि इसके नाम से ही प्रतीत होता है सी-वीड यानी समुद्र के अंदर उगने वाली घास। इन्हीं Algae और Seaweed में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पौधों के लिए बेहद लाभादायक होते हैं। इन्हें सुखाकर उर्वरक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिसे सीवीड फर्टिलाइजर कहा जाता है।

सीवीड फ़र्टिलाइज़र में पोषक ? | Nutrients in Seaweed Fertilizer ?

आइये जानते हैं  Seaweed fertilizer में पाए जानें वाले मुख्य पोषक तत्व के बारे में - 

Seaweed fertilizer (समुद्री शैवाल) में देखा जाये तो 70 से अधिक खनिज, विटामिन और एंजाइम होते हैं, यह पौधों और फसलों की वृद्धि, विकाश बढ़वार के साथ-साथ मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए भी फायदेमंद है। Seaweed फ़र्टिलाइज़र में पाए जानें वाले पोषक तत्व जैसे- नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम और मैग्नीशियम, आयरन, जिंक, बोरान, कैल्शियम, आयोडीन, मोलिब्डेनम एवं ऑक्सिन्स, जिबरेलिन्स, अँन्टीबायोटीक्स इत्यादि पोषक तत्व भरपूर मात्रा में उपलब्ध होते हैं।

फसल और पौधों में सीवीड खाद की उपयोग विधि | Application method of seaweed fertilizer

आइये जानते हैं seaweed Khad के उपयोग विधि के बारे में -

फसल और पौधों में सीवीड खाद का उपयोग छिड़काव विधि के माध्यम से करना चाहिए यह विधि सबसे अच्छी मानी जाती है। सीवीड खाद अर्थात उर्वरक को पानी में मिलाकर बीज बोते समय, कलम या पौधा लगाते समय डाला या स्प्रे किया जा सकता है। पौधे में फल-फूल आने के 8-10 दिन पहले इस खाद को डालना चाहिए।

  1. 1 लीटर पानी में लगभग 1- 2  ग्राम सीवीड खाद मिलाकर फसल और पौधे की पत्तियों पर छिड़काव करना चाहिए।
  2. अगर पौधे की जड़ों में डालना है तो 1 लीटर पानी में 2 -3 ग्राम सीवीड खाद मिक्स करके डालें।

‘“किसानों को फसल में रासायनिक खाद डालना अच्छा नहीं लगता, 

फसल को बिना खाद के अच्छा नहीं लगता।

जब तक फसल में सीवीड खाद नहीं डालेंगे, 

तब तक फसल से उत्पादन लेना अच्छा नहीं लगता ”””


समुद्री शैवाल उर्वरक के फसल में फायदें |  Benefits of Seaweed Fertilizer in Hindi details 

Seaweed Extract के फायदें निम्न है -

  • पोषक तत्वों से भरपूर
  • सक्रिय समुद्री शैवाल उर्वरक में बड़ी मात्रा में गैर-नाइट्रोजन युक्त कार्बनिक पदार्थ होते हैं, जिसमें 40 प्रकार के खनिज जैसे पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, लोहा, जस्ता और आयोडीन और प्रचुर मात्रा में विटामिन शामिल हैं, जो स्थलीय पौधों, विशेष रूप से समुद्री शैवाल से बेजोड़ हैं। समुद्री शैवाल के लिए अद्वितीय पॉलीसेकेराइड, एल्गिनिक एसिड, अत्यधिक असंतृप्त वसा अम्ल और विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक पौधों के विकास नियामक पौधों में गैर-विशिष्ट सक्रिय कारकों के उत्पादन को प्रोत्साहित कर सकते हैं और अंतर्जात तत्वों के संतुलन को नियंत्रित कर सकते हैं।

  • मिट्टी में सुधार
  • समुद्री शैवाल उर्वरक एक प्राकृतिक जैविक प्रणाली है जो पौधे-मृदा पारिस्थितिकी तंत्र के साथ मिलकर काम करती है। यह सीधे मिट्टी या पौधों के माध्यम से मिट्टी के कार्बनिक पदार्थ को बढ़ा सकता है और मिट्टी में विभिन्न सूक्ष्मजीवों को सक्रिय कर सकता है। ये सूक्ष्मजीव पौधे-माइक्रोबियल मेटाबोलाइट्स के संचलन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं, जिससे मिट्टी की जैविक प्रभावशीलता बढ़ जाती है।

  • लम्बे समय तक उर्वरक का प्रभाव
  • समुद्री शैवाल उर्वरक सीधे मिट्टी या पौधों के माध्यम से मिट्टी के कार्बनिक पदार्थ को बढ़ाते हैं और मिट्टी में विभिन्न लाभकारी सूक्ष्मजीवों को सक्रिय कर करते हैं। ये सूक्ष्मजीव पौधे-माइक्रोबियल मेटाबोलाइट्स के संचलन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं और मिट्टी की जैविक दक्षता बढ़ाते हैं। पौधों और मिट्टी के सूक्ष्मजीवों के मेटाबोलाइट्स पौधों को अधिक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। इसी समय, समुद्री शैवाल पॉलीसेकेराइड और ह्यूमिक एसिड द्वारा गठित केलेशन सिस्टम पोषक तत्वों को धीरे-धीरे जारी करते है और उर्वरक दक्षता बढ़ाते है।

  • सुरक्षित और गैर-विषैले
  • समुद्री शैवाल उर्वरक कच्चे माल प्राकृतिक समुद्री शैवाल से प्राप्त होते हैं, स्थलीय पौधों के साथ अच्छा सम्बंध रखते हैं, मानव और पशुधन के लिए गैर विषैले और हानिरहित हैं और पर्यावरण के लिए कोई प्रदूषण नहीं है। वे हानिरहित सब्जियों के उत्पादन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक हैं।

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